नई दिल्लीः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है और इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी भी कर रहा है। भारतीय कानून के मुताबिक, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को न तो सुप्रीम कोर्ट हटा सकता है और न ही विपक्ष बिना सरकार की सहमति से हटा सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद हटा सकती है, वो भी महाभियोग प्रस्ताव के जरिए। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए दो तिहाई सांसदों की सहमति जरुरी है। विपक्ष अपने दम पर महाभियोग प्रस्ताव पारित नहीं करा सकता। मुख्य चुनाव आयुक्त चाहें तो स्वेच्छा से इस्तीफा दे सकते हैं। अब सवाल उठता है ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल कब तक रहेगा।
2029 तक है ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल जनवरी 2029 तक है। लोकसभा चुनाव 2029 की घोषणा से कुछ महीने पहले ही वह रिटायर हो जाएंगे। अगर सरकार कार्यकाल आगे बढ़ाती है तो वह लोकसभा का चुनाव भी करा सकते हैं। 19 फरवरी 2025 को उन्होंने अपना पदभार ग्रहण किया था। ज्ञानेश कुमार जनवरी 2024 में सिविल सर्विस से रिटायर हुए थे। इसके दो महीने से भी कम समय बाद उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति आम चुनाव का शेड्यूल घोषित होने से एक दिन पहले हुई थी। फरवरी 2025 में वे मुख्य चुनाव आयुक्त बने।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञानेश कुमार कम से कम 22 विधानसभा चुनावों कराएंगे। इनमें यूपी विधानसभा चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, पंजाब, गोवा, गुजरात समेत कई राज्यों के चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा वह 2027 में राष्ट्रपति का चुनाव भी कराएंगे। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में बिहार, दिल्ली और बंगाल जैसे राज्यों के चुनाव संपन्न हुए हैं।
2027 में कहां-कहां होंगे विधानसभा चुनाव
साल 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब, मणिपुर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं।
2028 में कहां-कहां होंगे विधानसभा चुनाव
साल 2028 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, कर्नाटक, मिजोरम और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं।
2029 में कहां-कहां होंगे विधानसभा चुनाव
साल 2029 में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है।
बता दें कि ज्ञानेश कुमार 36 साल से अधिक समय से नौकरशाही में सक्रिय हैं। वे चुनाव आयुक्त से पहले राज्य और केंद्र में कई बड़े पदों पर भी काम कर चुके हैं। इन दिनों एसआईआर के मुद्दे पर वह विपक्ष के निशाने पर हैं।
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